खुशबू राउत हत्या या आत्महत्या न्याय के लिए आगे आ सकती है स्वयंसेवी संस्थाएं
खुशबू राउत ने आत्महत्या की है या उसकी हत्या हुई है। क्या है सच? यह तो समय ही बताएगा।
स्वर्गीय खुशबू के लिए परिजन लगा रहे है कभी थाने तो कभी पुलिस अधीक्षक कार्यालय के चक्कर, कर रहे है इंसाफ की माँग ।
खुशबू राउत के परिजनो को शक है कि यह हत्या है।परिजनो को ऐसा शक क्यों हो रहा है, इसका कारण बताते हुए खुशबू की बहन अर्चना राउत ने शक की वजह गिनाते हुए कही कि ,
पहली वजह तो यह कि दुकान के उस कमरे में ही सीसीटीवी कैमरा क्यों नही है,
दूसरा यह कि पंखे से फर्स की ऊँचाई - पंखे से बंधे दुपट्टे को उतारने के लिए फोरेन्सिक टीम को सीढ़ी वाली बडी़ स्टूल की जरुरत पड़ी जबकि बताया यह जा रहा था कि कुर्सी में चढ़कर फंदा लगा ली,
तीसरा कारण जो उन्होने बताया शक और भी गहरा हो जाता है कि दुपट्टा पंखे के एक पत्ती में बाँधी गई थी जो एक युवती के भार से मुड़ जाना चाहिए था पर ऐसा कुछ भी नही हुआ,
चौथा कारण यह बताया कि यदि दुपट्टा से फंदा लगाई होती तो दुपट्टा सिकुड़जाता अर्थात दुपट्टा सिकुड़न के निशान होते जबकि दुपट्टा सपाट लग रहा था। बिल्कुल स्त्रि की हुई लग रही थी।
पाँचवा कारण मृतक के शरीर में दिखे बिभिन्न जगहो पर चोट के या अन्य निशान।
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खुशबू राउत के मुद्दे पर एक यु-ट्यूबर ने यु-ट्युब भी बनाई थी
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अर्चना राउत से मिली जानकारी के अनुसार खुशबू को फंदे में झूलता उसने नही देखा, अगर आत्महत्या थी तो पुलिस के आने से पहले शव को क्यों उतारा गया। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पोस्टमार्टम न होने पर भी अर्चना राउत प्रश्न उठा रही है। अर्चना के अनुसार पुलिस का अभद्र व्यवहार भी अर्चना के शक को पुख्ता कर रहा है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर शक जाहिर करने की वजह अर्चना राउत बताती है कि इस रिपोर्ट में सिर्फ इतना लिखा गया है कि मौत शरीर में आक्सीजन की कमी होने से हुई, इस रिपोर्ट में मृत्यु का समय नही बताया गया है, और ना ही शरीर के जख्मो के निशानो का कोई जिक्र है।
कई सारी ऐसी बाते है जो आत्महत्या वाली बात पर प्रश्न खड़े कर रही है।
इस मुद्दे को लेकर शहर में चर्चा है कि राउत परिवार के पक्ष में खुशबू को न्याय दिलाने के लिए कई स्वयंसेवी संंस्थाएं आगे आ रही है या आ सकती है।


